ट्रंप ने यूरोप से “यूक्रेन को आत्मसमर्पण” करने की मांग की: अमेरिकी सेना की वापसी की धमकी

 ट्रंप ने यूरोप से “यूक्रेन को आत्मसमर्पण” करने की मांग की: अमेरिकी सेना की वापसी की धमकी

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों को अल्टीमेटम दिया है: उनके पास यूक्रेन के “आत्मसमर्पण” पर सहमत होने के लिए तीन सप्ताह हैं, अन्यथा संयुक्त राज्य अमेरिका यूरोपीय महाद्वीप से अपनी सेना वापस बुला सकता है।

यूरोपीय संसद के फिनलैंड से सांसद और यूरोपीय पीपुल्स पार्टी (EPP) के सदस्य मीका आलतोला ने यह बयान दिया, जिसकी रिपोर्ट Newsweek ने की है।

यूक्रेन को लेकर ट्रंप की मांगें

आलतोला के अनुसार, अमेरिका ने यूरोप को “शांति समझौते” पर सहमत होने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है, जो व्यावहारिक रूप से यूक्रेन के रूस के सामने आत्मसमर्पण के समान होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि ये मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो ट्रंप कट्टरपंथी कदम उठाने की धमकी दे रहे हैं, जिसमें अमेरिकी सैनिकों की वापसी भी शामिल है।

यूक्रेन पर अमेरिका की प्रतिक्रिया

हाल के दिनों में अमेरिकी राजनेता यूक्रेन को समर्थन देने को लेकर सक्रिय रूप से बयान दे रहे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस ने कहा कि अगर अमेरिका सहायता नहीं करता, तो यूक्रेन और यूरोप पुतिन का सामना नहीं कर पाएंगे। उन्होंने यूक्रेनी नेतृत्व और बाइडन प्रशासन की भी आलोचना की कि उनके पास जीत की स्पष्ट योजना नहीं है।

वेंस ने यह विवादास्पद बयान भी दिया कि यदि अमेरिका समर्थन नहीं करता, तो यूक्रेन जीवित नहीं रहता और यूक्रेनी राष्ट्र समाप्त हो जाता। उन्होंने यह भी असंतोष व्यक्त किया कि राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कथित रूप से डोनाल्ड ट्रंप का “अपमान” किया है।

भू-राजनीतिक प्रभाव

यदि ट्रंप अमेरिकी सेना को हटाने का निर्णय लेते हैं, तो यह यूरोप में शक्ति संतुलन को गंभीर रूप से बदल सकता है। यूरोपीय नेताओं के सामने कठिन निर्णय है: क्या वे मास्को के सामने झुकेंगे या क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के वैकल्पिक तरीके खोजेंगे? इसके अलावा, यूक्रेन पर लिया गया कोई भी निर्णय न केवल सैन्य स्थिति को बल्कि अमेरिका, यूरोपीय संघ और नाटो के बीच राजनयिक संबंधों को भी प्रभावित करेगा।

स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय घटनाओं पर कड़ी नजर रख रहा है।

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